शिष्य के शिष्यत्व से ही है गुरु की महिमा
गुरु की गुरुता शिष्य की श्रद्धा से है इसलिए हम अपने मन में शिष्यत्व को धारण किये रहें। आज यदि सारे शिक्षक अपने मन…
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पूरा लेख पढ़ेंसमृद्धि व संस्कृति की समान उपासना करनेवाले विश्वगुरु भारत का स्वप्न यदि हम साकार करना चाहते हैं तो स्वामीजी के आवृत्त उपहारों का अनुसंधान…
पूरा लेख पढ़ेंDaily connect with all the three levels of hierarchy has to be done resolutely same as new contacts everyday. This is organisational Sadhana. As…
पूरा लेख पढ़ेंOutreach is the daily work of every Karyakarta. Not a day should pass without it. When done resolutely, it becomes Sadhana (Spiritual Practice). Expansion…
पूरा लेख पढ़ेंस्वयंसेवी संगठन में कर्मचारी नहीं स्वयंसेवक कार्यकर्ता होते हैं जो किसी अनुबंध के कारण नहीं अपितु कार्य के पावित्र्य, महत्व तथा परिणाम के कारण…
पूरा लेख पढ़ेंसंवाद में श्रवण प्रमुख होना चाहिए। जो कार्यकर्ता सामनेवाले को स्वयं के बारे में खुलकर बोलने के लिए सहज प्रेरित करते हैं वे अच्छा…
पूरा लेख पढ़ेंसम्पर्क प्रत्येक कार्यकर्ता का नित्य कार्य है। कोई भी दिन इसके बिना नहीं हो सकता। संकल्प के साथ संपर्क करने से वह साधना बन…
पूरा लेख पढ़ेंIf a cell refuses to obey the discipline of the body and does not die when time comes, then it becomes the cause of…
पूरा लेख पढ़ेंसंस्कृत शब्द का अर्थ ही संस्कारित होता है। स्वरयंत्र से सहज निकलने वाली प्राकृत वाणी का संस्कार होने से वह संस्कृत हो जाती है।…
पूरा लेख पढ़ेंAnother Post as a precursor to IYD. This piece was written for bharatniti.in giving it here for the blog followers. http://www.bharatniti.in/story/look-beyond-political-controversy-yoga-is-for-all/44 Yoga has been…
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