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भारत भविष्य

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सामयिक टिप्पणी

वैचारिक प्रबोधन की साधना 

इस नवरात्रि वैचारिक क्षेत्र का स्वाध्याय हम कर रहे हैं, उस संदर्भ में सिद्धिदात्री से किन सिद्धियों की अपेक्षा करनी उस पर मंथन करते…

23 October 2023 Mukul Kanitkar
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सामयिक टिप्पणी

शुम्भ-निशुम्भ के मायाजाल को करें अनावृत्त

शुम्भ-निशुम्भ के समान ये दोनों भौतिकवादी विचारधाराएँ आज विश्व मानवता के लिए बड़ा संकट बन चुकी हैं। हिंदुत्व, भारत और सभी सांस्कृतिक संस्थान इनका…

22 October 2023 Mukul Kanitkar
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सामयिक टिप्पणी

मानवता के शत्रु आज के चण्ड-मुण्ड

एक शारीरिक बल से प्रसार में विश्वास रखता है और दूसरा कपट में। केवल भारत ही नहीं पूरा विश्व इन आततायी विचारधाराओं के प्रकोप…

21 October 2023 Mukul Kanitkar
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सामयिक टिप्पणी

राष्ट्ररक्षा का सनातन संकल्प स्कन्दमाता की उपासना

एक जन, एक मन से एक ध्येय की और भिन्न भिन्न मार्गों से अग्रसर होते हुए एक अंतःकरण से सामूहिक और व्यक्तिगत गौरव, वैभव…

19 October 2023 Mukul Kanitkar
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सामयिक टिप्पणी

स्वभाव, स्वधर्म और स्वकर्म द्वारा ही स्वतंत्र का निर्माण

कूष्माण्डा के अण्ड में पूरा ब्रह्मांड विद्यमान है। पूरा अस्तित्व ही एक विराट पुरुष है। राष्ट्र उसके अंग हैं। राष्ट्र का भी जैविक विराट…

18 October 2023 Mukul Kanitkar
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sangathan

अधिकस्य अधिकं फलम्

शुद्ध सात्विक प्रेम कार्य का आधार होने से स्नेहमय, आत्मीय, पारिवारिक संबंध तो कार्यकर्ताओं में निश्चित ही होते हैं। कार्यकर्ता जुड़ता भी किसी व्यक्ति…

25 July 2023 Mukul Kanitkar
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आलेख

हमारे विनायकराव — एक आदर्श प्रचारक

संगठनात्मक कार्य से सक्रिय निवृत्ति सर्वाधिक उल्लेखनीय थी। पूरा सम्पर्क तोड़े बिना उन्होंने उलझना पूर्ण बंद कर दिया। यह आश्चर्यजनक था कि बिना कण…

20 July 2023 Mukul Kanitkar
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आलेख

अर्जुन का शिष्यत्व ही गीता का निमित्त

कहते हैं कि गीता समझनी है तो अर्जुन के भाव में आना होगा। अर्थात युद्धभूमि में भी विस्तृत स्वाध्याय करने को तत्पर होना होगा।…

11 July 2023 Mukul Kanitkar
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