भक्तों जागो अब देव शयन करेंगे
चातुर्मास के प्रारंभ पर देवता शयन करने जा रहे हैं तो हम अपने धर्म का स्वयं दायित्व संभालें और चातुर्मास के लिए संकल्पबद्ध हो सजग हो जाए। देवता…
स्वान्तः सुखाय
मुकुल कानिटकर के लेख—भारतीय संस्कृति, समाज, चरित्र निर्माण और समकालीन राष्ट्रीय जीवन पर।
चातुर्मास के प्रारंभ पर देवता शयन करने जा रहे हैं तो हम अपने धर्म का स्वयं दायित्व संभालें और चातुर्मास के लिए संकल्पबद्ध हो सजग हो जाए। देवता…
नवीन लेख
पवित्र मन ही शरीर में सौन्दर्य से अभिव्यक्त होता है। स्वार्थ के स्थान पर देशहित का विचार भी भाव और वचन दोनों…
वीरता मानसिक क्षमता है उसका सर्वोत्तम रूप महावीर है। विपरीत स्थिति में भी व्यवहारकुशलता से मार्ग निकालने की बौद्धिक योग्यता का नाम…
हमारा प्रत्येक परिचय ही हमें दायित्व देता है। जैसे हम मनुष्य हैं तो अपेक्षा है कि मानवता का आचरण करें। भारतीय हैं…
हनुमानजी के लिए सागर की उपमा अत्यन्त समीचीन है। सागर असीम होता है किंतु कभी अपनी सीमा को नहीं लांघता। ग्रहण करने…
आदर्श कार्यकर्ता सदैव सीखता रहता है। वह जानता है पूर्णता के लिए सदैव आगे बढ़ते रहना है। इसलिए उसे विनम्र होना पड़ता…
तुलसीदास रचित हनुमान चालीसा हम सबका मार्गदर्शन करता है। संगठन का कार्य करने वाले प्रत्येक कार्यकर्ता में संगठन के ध्येय के साथ…
विषयानुसार
संस्कृति, चरित्र, राष्ट्रचिंतन और समकालीन विषयों पर प्रकाशित लेखों को विषय के अनुसार पढ़ें।
English Essays
30 September 2025
Bharat has always converted adversities into golden opportunities and marched towards self-reliance. The blessings of Mata Veeralakshmi will enable us to also triumph over…
28 September 2025
Navratri Swadhyay 6 Economists have highly debated for a century on whether population is an asset or a responsibility. The developing countries were forced…
27 September 2025
Mother Kushmunda who bears the entire creation in her womb, is the presiding Mata (Goddess) of the Chaturth (fourth) Navratri. In this form, she…