आत्मोद्धार हेतु श्रद्धा से मनाएँ श्राद्ध
पितरों के उद्धार के लिए श्राद्ध में श्रद्धा ना भी हो तब भी आत्मोद्धार के लिये श्राद्ध अवश्य करें। भाद्रपद मास उत्तरायण के मध्य…
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पितरों के उद्धार के लिए श्राद्ध में श्रद्धा ना भी हो तब भी आत्मोद्धार के लिये श्राद्ध अवश्य करें। भाद्रपद मास उत्तरायण के मध्य…
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केवल दीपोत्सव नहीं केवल प्रसन्न (happy) नहीं केवल शुभ कामना या इच्छा से नहीं मनाया जा सकता है संकल्प से पराक्रम, उद्यम, संगठन कल्याण,…
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इस नवरात्रि वैचारिक क्षेत्र का स्वाध्याय हम कर रहे हैं, उस संदर्भ में सिद्धिदात्री से किन सिद्धियों की अपेक्षा करनी उस पर मंथन करते…
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शुम्भ-निशुम्भ के समान ये दोनों भौतिकवादी विचारधाराएँ आज विश्व मानवता के लिए बड़ा संकट बन चुकी हैं। हिंदुत्व, भारत और सभी सांस्कृतिक संस्थान इनका…
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एक शारीरिक बल से प्रसार में विश्वास रखता है और दूसरा कपट में। केवल भारत ही नहीं पूरा विश्व इन आततायी विचारधाराओं के प्रकोप…
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एक जन, एक मन से एक ध्येय की और भिन्न भिन्न मार्गों से अग्रसर होते हुए एक अंतःकरण से सामूहिक और व्यक्तिगत गौरव, वैभव…
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कूष्माण्डा के अण्ड में पूरा ब्रह्मांड विद्यमान है। पूरा अस्तित्व ही एक विराट पुरुष है। राष्ट्र उसके अंग हैं। राष्ट्र का भी जैविक विराट…
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इस नवरात्रि उत्तरापथ की संकल्प यात्रा में इस विचार यजन पर स्वाध्याय करते हैं। एकात्म और समग्र भाव की सामयिक प्रस्तुति तथा विघटनकारी बलों…
पूरा लेख पढ़ेंसंगठनात्मक कार्य से सक्रिय निवृत्ति सर्वाधिक उल्लेखनीय थी। पूरा सम्पर्क तोड़े बिना उन्होंने उलझना पूर्ण बंद कर दिया। यह आश्चर्यजनक था कि बिना कण…
पूरा लेख पढ़ेंसमृद्धि व संस्कृति की समान उपासना करनेवाले विश्वगुरु भारत का स्वप्न यदि हम साकार करना चाहते हैं तो स्वामीजी के आवृत्त उपहारों का अनुसंधान…
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