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शिक्षा

22 लेख

sangathan

शुद्ध, सात्विक प्रेम से चमुत्व

ध्येय के अनुरूप कार्यप्रणाली और कार्यपद्धति का विकास योजनापूर्वक करने के बाद पूर्ण विश्वास के साथ उसपर लगे रहना ही एकमात्र मार्ग है। इस…

19 December 2022 Mukul Kanitkar
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sangathan

सूचना के बाद सोचना नहीं

स्वयंसेवी संगठन में कर्मचारी नहीं स्वयंसेवक कार्यकर्ता होते हैं जो किसी अनुबंध के कारण नहीं अपितु कार्य के पावित्र्य, महत्व तथा परिणाम के कारण…

10 December 2022 Mukul Kanitkar
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sangathan

संगठन विकास और विस्तार के ‘स’कारात्मक सूत्र

सम्पर्क प्रत्येक कार्यकर्ता का नित्य कार्य है। कोई भी दिन इसके बिना नहीं हो सकता। संकल्प के साथ संपर्क करने से वह साधना बन…

5 December 2022 Mukul Kanitkar
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Uncategorized

शुद्ध वाणी ही सिद्धिदात्री

संस्कृत शब्द का अर्थ ही संस्कारित होता है। स्वरयंत्र से सहज निकलने वाली प्राकृत वाणी का संस्कार होने से वह संस्कृत हो जाती है।…

4 October 2022 Mukul Kanitkar
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आलेख

एकाग्रता और भाव विस्तार से ही अभय

सामन्यतः मन के रूप में सम्बोधित अन्तःकरण में चार करण (instruments) आते है -मन, बुद्धि, चित्त और अहं। एक ही आंतरिक व्यवस्था जिसे गीता…

30 September 2022 Mukul Kanitkar
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आलेख

आओ बोए शुभ संकल्प

विद्यार्जन के क्षेत्र में सबसे दुष्कर किंतु महत्वपूर्ण कार्य अधिगम फलित का मात्रात्मक निर्धारण है। अध्ययन की प्रक्रिया अर्थात् अधिगम से हम क्या परिणाम…

26 September 2022 Mukul Kanitkar
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