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कर्मयोग

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सामयिक टिप्पणी

भक्तों जागो अब देव शयन करेंगे

चातुर्मास के प्रारंभ पर देवता शयन करने जा रहे हैं तो हम अपने धर्म का स्वयं दायित्व संभालें और चातुर्मास के लिए संकल्पबद्ध हो…

25 July 2026 Mukul Kanitkar
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चरित्र

शरीर-मन-बुद्धि तीनों का वीरव्रत

वीरता मानसिक क्षमता है उसका सर्वोत्तम रूप महावीर है। विपरीत स्थिति में भी व्यवहारकुशलता से मार्ग निकालने की बौद्धिक योग्यता का नाम विक्रम और…

1 June 2026 Mukul Kanitkar
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चरित्र

दायित्व ही कार्यकर्ता का परिचय

हमारा प्रत्येक परिचय ही हमें दायित्व देता है। जैसे हम मनुष्य हैं तो अपेक्षा है कि मानवता का आचरण करें। भारतीय हैं तो हमारा…

29 May 2026 Mukul Kanitkar
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ज्ञान-गुण से तीनों लोक उजागर

हनुमानजी के लिए सागर की उपमा अत्यन्त समीचीन है। सागर असीम होता है किंतु कभी अपनी सीमा को नहीं लांघता। ग्रहण करने में कोई…

8 April 2026 Mukul Kanitkar
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जनसंख्या बोझ नहीं संतानलक्ष्मी का वरदान

मूल विषय समाज के मानस का है। प्रजा को बोझ मानने का विचार जबतक प्रचलन में रहेगा तब तक इस स्थिति में सुधार नहीं…

27 September 2025 Mukul Kanitkar
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लोकमाता पुण्यश्लोक अहिल्याबाई

महिला नेतृत्व ही मानवता के समग्र कल्याण का मार्ग है। सर्वांगीण विकास भी प्रत्यक्ष महिलाओं अथवा नारीत्व के गुणों से परिपूर्ण नेतृत्व द्वारा ही…

8 March 2025 Mukul Kanitkar
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सामयिक टिप्पणी

शुभ संकल्प का उत्सव

केवल दीपोत्सव नहीं केवल प्रसन्न (happy) नहीं केवल शुभ कामना या इच्छा से नहीं मनाया जा सकता है संकल्प से पराक्रम, उद्यम, संगठन कल्याण,…

12 November 2023 Mukul Kanitkar
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सामयिक टिप्पणी

शुम्भ-निशुम्भ के मायाजाल को करें अनावृत्त

शुम्भ-निशुम्भ के समान ये दोनों भौतिकवादी विचारधाराएँ आज विश्व मानवता के लिए बड़ा संकट बन चुकी हैं। हिंदुत्व, भारत और सभी सांस्कृतिक संस्थान इनका…

22 October 2023 Mukul Kanitkar
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सामयिक टिप्पणी

राष्ट्ररक्षा का सनातन संकल्प स्कन्दमाता की उपासना

एक जन, एक मन से एक ध्येय की और भिन्न भिन्न मार्गों से अग्रसर होते हुए एक अंतःकरण से सामूहिक और व्यक्तिगत गौरव, वैभव…

19 October 2023 Mukul Kanitkar
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