भक्तों जागो अब देव शयन करेंगे
चातुर्मास के प्रारंभ पर देवता शयन करने जा रहे हैं तो हम अपने धर्म का स्वयं दायित्व संभालें और चातुर्मास के लिए संकल्पबद्ध हो…
पूरा लेख पढ़ेंसंबंधित लेख
25 लेख
चातुर्मास के प्रारंभ पर देवता शयन करने जा रहे हैं तो हम अपने धर्म का स्वयं दायित्व संभालें और चातुर्मास के लिए संकल्पबद्ध हो…
पूरा लेख पढ़ें
वीरता मानसिक क्षमता है उसका सर्वोत्तम रूप महावीर है। विपरीत स्थिति में भी व्यवहारकुशलता से मार्ग निकालने की बौद्धिक योग्यता का नाम विक्रम और…
पूरा लेख पढ़ें
हमारा प्रत्येक परिचय ही हमें दायित्व देता है। जैसे हम मनुष्य हैं तो अपेक्षा है कि मानवता का आचरण करें। भारतीय हैं तो हमारा…
पूरा लेख पढ़ें
हनुमानजी के लिए सागर की उपमा अत्यन्त समीचीन है। सागर असीम होता है किंतु कभी अपनी सीमा को नहीं लांघता। ग्रहण करने में कोई…
पूरा लेख पढ़ें
मूल विषय समाज के मानस का है। प्रजा को बोझ मानने का विचार जबतक प्रचलन में रहेगा तब तक इस स्थिति में सुधार नहीं…
पूरा लेख पढ़ें
Mother Kushmunda who bears the entire creation in her womb, is the presiding Mata (Goddess) of the Chaturth (fourth) Navratri. In this form, she…
पूरा लेख पढ़ें
महिला नेतृत्व ही मानवता के समग्र कल्याण का मार्ग है। सर्वांगीण विकास भी प्रत्यक्ष महिलाओं अथवा नारीत्व के गुणों से परिपूर्ण नेतृत्व द्वारा ही…
पूरा लेख पढ़ें
केवल दीपोत्सव नहीं केवल प्रसन्न (happy) नहीं केवल शुभ कामना या इच्छा से नहीं मनाया जा सकता है संकल्प से पराक्रम, उद्यम, संगठन कल्याण,…
पूरा लेख पढ़ें
शुम्भ-निशुम्भ के समान ये दोनों भौतिकवादी विचारधाराएँ आज विश्व मानवता के लिए बड़ा संकट बन चुकी हैं। हिंदुत्व, भारत और सभी सांस्कृतिक संस्थान इनका…
पूरा लेख पढ़ें
एक जन, एक मन से एक ध्येय की और भिन्न भिन्न मार्गों से अग्रसर होते हुए एक अंतःकरण से सामूहिक और व्यक्तिगत गौरव, वैभव…
पूरा लेख पढ़ें