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कर्मयोग

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योग

जाने अपना वर्ण! पहचाने अपना स्वभाव!

कर्मयोग 7: स्वधर्म पर आधारित कर्म से ही जीवन में परिपूर्णता एवं संतुष्टि प्राप्त हो सकती है। यही गीता का संदेश है। इसको जीवन…

17 November 2011 Mukul Kanitkar
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योग

जीवन में संतुष्टी चाहिए तो स्वधर्म आधारित कर्म करें !

कर्मयोग 6: चंगु की अच्छी खासी नौकरी है, ठीक ठाक कमाई भी। स्नेहमय, सुखी, समझदार, सहयोगी परिवार; तेजस्वी, प्रखर बुद्धि, आज्ञाकारी पुत्र भी है।…

10 November 2011 Mukul Kanitkar
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योग

कर्मयोग: चलाये ‘अपनी मर्जी’!

पिछले कुछ दिनों में दो प्रसंग सामने आये। तीन अच्छे रचनाकारों को नियमित लिखने के लिये कहा तो तीनों अपनी व्यस्तता का वास्ता दिया।…

19 September 2011 Mukul Kanitkar
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