रूप भी कार्य का साधन
पवित्र मन ही शरीर में सौन्दर्य से अभिव्यक्त होता है। स्वार्थ के स्थान पर देशहित का विचार भी भाव और वचन दोनों में स्पष्टता…
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पवित्र मन ही शरीर में सौन्दर्य से अभिव्यक्त होता है। स्वार्थ के स्थान पर देशहित का विचार भी भाव और वचन दोनों में स्पष्टता…
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वीरता मानसिक क्षमता है उसका सर्वोत्तम रूप महावीर है। विपरीत स्थिति में भी व्यवहारकुशलता से मार्ग निकालने की बौद्धिक योग्यता का नाम विक्रम और…
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हमारा प्रत्येक परिचय ही हमें दायित्व देता है। जैसे हम मनुष्य हैं तो अपेक्षा है कि मानवता का आचरण करें। भारतीय हैं तो हमारा…
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हनुमानजी के लिए सागर की उपमा अत्यन्त समीचीन है। सागर असीम होता है किंतु कभी अपनी सीमा को नहीं लांघता। ग्रहण करने में कोई…
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आदर्श कार्यकर्ता सदैव सीखता रहता है। वह जानता है पूर्णता के लिए सदैव आगे बढ़ते रहना है। इसलिए उसे विनम्र होना पड़ता है। अपनी…
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तुलसीदास रचित हनुमान चालीसा हम सबका मार्गदर्शन करता है। संगठन का कार्य करने वाले प्रत्येक कार्यकर्ता में संगठन के ध्येय के साथ ही अपने…
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