मधु-कैटभ मर्दिनी की पूजा
इस नवरात्रि उत्तरापथ की संकल्प यात्रा में इस विचार यजन पर स्वाध्याय करते हैं। एकात्म और समग्र भाव की सामयिक प्रस्तुति तथा विघटनकारी बलों…
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इस नवरात्रि उत्तरापथ की संकल्प यात्रा में इस विचार यजन पर स्वाध्याय करते हैं। एकात्म और समग्र भाव की सामयिक प्रस्तुति तथा विघटनकारी बलों…
पूरा लेख पढ़ेंजब तक हम सनातन आर्थिक प्रतिमान पर व्यवहार करते रहे तब तक भारत सुसंस्कृत होने के साथ ही समृद्ध भी था। विदेशी शासकों द्वारा…
पूरा लेख पढ़ेंसंगठनात्मक कार्य से सक्रिय निवृत्ति सर्वाधिक उल्लेखनीय थी। पूरा सम्पर्क तोड़े बिना उन्होंने उलझना पूर्ण बंद कर दिया। यह आश्चर्यजनक था कि बिना कण…
पूरा लेख पढ़ेंOutreach is the daily work of every Karyakarta. Not a day should pass without it. When done resolutely, it becomes Sadhana (Spiritual Practice). Expansion…
पूरा लेख पढ़ेंस्वयंसेवी संगठन में कर्मचारी नहीं स्वयंसेवक कार्यकर्ता होते हैं जो किसी अनुबंध के कारण नहीं अपितु कार्य के पावित्र्य, महत्व तथा परिणाम के कारण…
पूरा लेख पढ़ेंसंवाद में श्रवण प्रमुख होना चाहिए। जो कार्यकर्ता सामनेवाले को स्वयं के बारे में खुलकर बोलने के लिए सहज प्रेरित करते हैं वे अच्छा…
पूरा लेख पढ़ेंसम्पर्क प्रत्येक कार्यकर्ता का नित्य कार्य है। कोई भी दिन इसके बिना नहीं हो सकता। संकल्प के साथ संपर्क करने से वह साधना बन…
पूरा लेख पढ़ेंNavratri 1 Let’s cultivate Noble resolves The most difficult but important task in the field of learning is the quantitative determination of the learning…
पूरा लेख पढ़ेंस्वामी विवेकानंद के राष्ट्र चिंतन के प्रथम दिन : प्रश्न आस्था का है । मनुष्य आस्था के बल पर कुछ भी चमत्कार कर सकता…
पूरा लेख पढ़ेंभारत का उत्थान-पतन : स्वामी विवेकानन्द ने सारे भारत को अत्यन्त निकट से देखा था। उन्होंने भारतीयता को अपने अन्दर जीया था। इस जीवन्त…
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