संबंधित लेख

karmyoga

27 लेख

सामयिक टिप्पणी

शिष्य के शिष्यत्व से ही है गुरु की महिमा

गुरु की गुरुता शिष्य की श्रद्धा से है इसलिए हम अपने मन में शिष्यत्व को धारण किये रहें। आज यदि सारे शिक्षक अपने मन…

3 July 2023 Mukul Kanitkar
पूरा लेख पढ़ें
चरित्र

अनावृत्त करें स्वामी विवेकानंद के अनुपम उपहार

समृद्धि व संस्कृति की समान उपासना करनेवाले विश्वगुरु भारत का स्वप्न यदि हम साकार करना चाहते हैं तो स्वामीजी के आवृत्त उपहारों का अनुसंधान…

13 January 2023 Mukul Kanitkar
पूरा लेख पढ़ें
sangathan

सूचना के बाद सोचना नहीं

स्वयंसेवी संगठन में कर्मचारी नहीं स्वयंसेवक कार्यकर्ता होते हैं जो किसी अनुबंध के कारण नहीं अपितु कार्य के पावित्र्य, महत्व तथा परिणाम के कारण…

10 December 2022 Mukul Kanitkar
पूरा लेख पढ़ें
सामयिक टिप्पणी

श्रीकृष्ण का शिष्यत्व ग्रहण कर स्वाध्याय करें।

अर्जुन बनेंगे तभी गीता समझेंगे। जब तक शिष्यत्व नहीं लेते तब तक अर्जुन नहीं बनते। धृतराष्ट्र का मामकाः जब अर्जुन में प्रवेश कर गया…

3 December 2022 Mukul Kanitkar
पूरा लेख पढ़ें
आलेख

बुद्धि का परिशोधन मेधा से प्रज्ञा तक

महिष मानव के भीतर अवशिष्ट पशुत्व का प्रतीक है सब देवताओं के तेजांश से संगठित माँ कात्यायनी ही उस पर आरूढ़ हो उसका मर्दन…

1 October 2022 Mukul Kanitkar
पूरा लेख पढ़ें