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Mukul Kanitkar

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सनातन विकास प्रतिमान

केंद्रीकरण और एकाधिकार से जन्मी भयावह आर्थिक विषमता

प्रतिस्पर्धा के कारण एकाधिकार (Monopoly) का प्रयास वर्तमान मुक्त बाज़ार आधारित विकास प्रतिमान का अनिवार्य परिणाम है। लाभ बढ़ाना ही विकास का परिमाण होने…

8 September 2023 Mukul Kanitkar
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सनातन विकास प्रतिमान

आओ सीखें इतिहास की त्रुटियों से

जो जो पुरातन वह सब आदर्श ऐसा अहंगण्ड इस प्रगट चिंतन के पीछे नहीं है। इतिहास में भी हमारे पूर्वजों द्वारा कुछ त्रुटियाँ हुई…

28 August 2023 Mukul Kanitkar
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सनातन विकास प्रतिमान

कृषिप्रधान अर्थात् निर्माण केंद्रित विकास

सामान्य युग (Common Era-CE) के पूर्व से भारत में आए प्रवासियों ने जो यात्रा वर्णन लिखे हैं उनके अध्ययन से हम पाते हैं कि…

22 August 2023 Mukul Kanitkar
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sangathan

अधिकस्य अधिकं फलम्

शुद्ध सात्विक प्रेम कार्य का आधार होने से स्नेहमय, आत्मीय, पारिवारिक संबंध तो कार्यकर्ताओं में निश्चित ही होते हैं। कार्यकर्ता जुड़ता भी किसी व्यक्ति…

25 July 2023 Mukul Kanitkar
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