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Mukul Kanitkar

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या देवी सर्व भूतेषु दायित्व रूपेण संस्थिता . . .

दायित्व: देवी भागवत में शुम्भ-निशुम्भ की कथा आती है। ये दोनों मधु-कैटभ के ही वंशज हैं। उनके वध का प्रतिशोध लेना चाहते हैं। अपना…

3 October 2011 Mukul Kanitkar
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कार्यकर्ता : कृपा कात्यायनी की . . .

कार्यकर्ताः बड़ी प्रचलित कहावत है, ‘‘भगतसिंह पैदा तो हो पर पड़ोसी के घर में।’’ देशभक्तों की सब प्रशंसा तो करते हैं पर उनके बनने…

2 October 2011 Mukul Kanitkar
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या देवी सर्व संघेशु कार्यपद्धति रूपेण संस्थिता …

संगठन की कार्यपद्धतिः नवरात्री का आज पाँचवा दिन है। आज की देवी है स्कंदमाता। स्कंदमाता कुमार कार्तिकेय की माता के रूप में पार्वती जी…

1 October 2011 Mukul Kanitkar
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या देवी सर्वभूतेषु माया रूपेण संस्थिता . . .

संगठन की कार्य प्रणाली: दुर्गा सप्तशति में मधु-कैटभ वध की कथा आती है। यह अत्यन्त रोचक रुपक है। दो असुर ब्रह्माजी के कान से…

30 September 2011 Mukul Kanitkar
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या देवी सर्वभूतेषु धर्मरूपेण संस्थिता . . .

चौथे नवरात्री की आराध्या है कुष्माण्डा! यह दुर्गा माँ का अवतार सृजन करता है। जैविक स्रोतों के प्रति जागृति के लिए माँ के हाथ…

29 September 2011 Mukul Kanitkar
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या देवी सर्व भूतेषु संघ रूपेण संस्थिता ||

आज नवरात्री का तीसरा दिवस – माँ चंद्रघंटा की पूजा। यह सभी दुर्गा के ही रूप है । अतः आज दुर्गा पूजा के संगठनात्मक…

28 September 2011 Mukul Kanitkar
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योग

कर्मयोग: चलाये ‘अपनी मर्जी’!

पिछले कुछ दिनों में दो प्रसंग सामने आये। तीन अच्छे रचनाकारों को नियमित लिखने के लिये कहा तो तीनों अपनी व्यस्तता का वास्ता दिया।…

19 September 2011 Mukul Kanitkar
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