संतुलित विकास समुत्कर्ष की देवी आदिलक्ष्मी
आदिलक्ष्मी की उपासना अभ्युदय से अधिक निःश्रेयस अर्थात् आंतरिक उन्नति का प्रसाद भी प्रदान करती है। अतः अर्थतंत्र में भी उपभोग में संयम अथवा…
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आदिलक्ष्मी की उपासना अभ्युदय से अधिक निःश्रेयस अर्थात् आंतरिक उन्नति का प्रसाद भी प्रदान करती है। अतः अर्थतंत्र में भी उपभोग में संयम अथवा…
पूरा लेख पढ़ेंकाल की वैज्ञानिक समझ से ही वर्षप्रतिपदा को सालभर के साढ़े तीन मुहुर्तों में से एक मानते हैं। यह पूर्ण मुहुर्त है। इस दिन शुभकार्य…
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महिला नेतृत्व ही मानवता के समग्र कल्याण का मार्ग है। सर्वांगीण विकास भी प्रत्यक्ष महिलाओं अथवा नारीत्व के गुणों से परिपूर्ण नेतृत्व द्वारा ही…
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यह देश का दुर्भाग्य ही है कि स्वतंत्रता के बाद हमारे इन प्रचण्ड ऐतिहासिक अनुभूतियों को पूर्णतः दुर्लक्षित कर हमने विदेशी विचारों पर आधारित…
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Savarkar's contribution to the freedom struggle is unfathomable. He has contributed in every field. His thinking in terms of political science, economics, future of…
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केवल दीपोत्सव नहीं केवल प्रसन्न (happy) नहीं केवल शुभ कामना या इच्छा से नहीं मनाया जा सकता है संकल्प से पराक्रम, उद्यम, संगठन कल्याण,…
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इस नवरात्रि वैचारिक क्षेत्र का स्वाध्याय हम कर रहे हैं, उस संदर्भ में सिद्धिदात्री से किन सिद्धियों की अपेक्षा करनी उस पर मंथन करते…
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शुम्भ-निशुम्भ के समान ये दोनों भौतिकवादी विचारधाराएँ आज विश्व मानवता के लिए बड़ा संकट बन चुकी हैं। हिंदुत्व, भारत और सभी सांस्कृतिक संस्थान इनका…
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कूष्माण्डा के अण्ड में पूरा ब्रह्मांड विद्यमान है। पूरा अस्तित्व ही एक विराट पुरुष है। राष्ट्र उसके अंग हैं। राष्ट्र का भी जैविक विराट…
पूरा लेख पढ़ेंजब तक हम सनातन आर्थिक प्रतिमान पर व्यवहार करते रहे तब तक भारत सुसंस्कृत होने के साथ ही समृद्ध भी था। विदेशी शासकों द्वारा…
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