रीसेट मत कर देना!
गढ़े जीवन अपना अपना -17 जर्मन साधक बड़ी श्रद्धा से जप कर रहा था। गंगाजी का किनारा, सामने विशाल हिमालय के उत्तुंग शिखर! उत्तरकाशी…
पूरा लेख पढ़ेंविषय
37 लेख
गढ़े जीवन अपना अपना -17 जर्मन साधक बड़ी श्रद्धा से जप कर रहा था। गंगाजी का किनारा, सामने विशाल हिमालय के उत्तुंग शिखर! उत्तरकाशी…
पूरा लेख पढ़ेंगढ़े जीवन अपना अपना -16 आधी रात का समय था। हस्तिनापुर के प्रासाद में सब ओर शांति थी। अर्जुन को लघुशंका के लिये जाना…
पूरा लेख पढ़ेंगढ़े जीवन अपना अपना -15 चरित्र निर्माण के बाहरी आयामों में चौथा व अंतिम है – कौशल। शारीरिक बल, रूप ओर स्वास्थ्य के साथ…
पूरा लेख पढ़ेंगढ़े जीवन अपना अपना -14 आद्य क्रांतिकारी वासुदेव बलवन्त फडके को जेल में बंद रखना भी सम्भव नहीं था। जेल से भागने के लिये…
पूरा लेख पढ़ेंगढ़े जीवन अपना अपना -13 “बताओ! गुलाब क्यों सुन्दर होता है?” कुलकर्णी सर थे तो अंग्रजी के शिक्षक पर उनकी आदत थी कि कक्षा…
पूरा लेख पढ़ेंगढ़े जीवन अपना अपना -12 वसुदेव सुतं देवं कंस चाणूर मर्दनं। देवकी परमानन्दम् कृष्णं वन्दे जगदगुरुम्।। हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कृष्ण की सारी…
पूरा लेख पढ़ेंगढ़े जीवन अपना अपना -11 मृत्यु का सामना करने के लिये बड़ा उत्साह चाहिये। साधारणतः मृत्यु को तो भय के साथ ही जोड़कर देखा…
पूरा लेख पढ़ेंगढ़े जीवन अपना अपना -10 एक गुरुकुल में दो शिष्य थे सुहृत और सुकृत। सुकृत बड़ा विद्वान था। जो भी पाठ पढ़ाया जाता तुरन्त…
पूरा लेख पढ़ेंगढ़े जीवन अपना अपना -9 छलांग तो लगानी ही पड़ती है। साधारणतः जीवन में किसी बड़े निर्णय को कर लेने के बाद भी जब…
पूरा लेख पढ़ेंगढ़े जीवन अपना अपना -8 ‘असम्भव! ये हमसे नहीं होगा!’ युवाओं के सामने चुनौति रखने पर पहली बार ऐसी प्रतिक्रिया पाने की उनको आदत…
पूरा लेख पढ़ें