तप से ही संस्कृति और समृद्धि
जन्म के साथ ही जातक का अध्ययन प्रारंभ होता है। आँखे खोलते ही जगत को ग्रहण करने का साहसिक नवाचार हर बालक को करना…
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जन्म के साथ ही जातक का अध्ययन प्रारंभ होता है। आँखे खोलते ही जगत को ग्रहण करने का साहसिक नवाचार हर बालक को करना…
पूरा लेख पढ़ेंविद्यार्जन के क्षेत्र में सबसे दुष्कर किंतु महत्वपूर्ण कार्य अधिगम फलित का मात्रात्मक निर्धारण है। अध्ययन की प्रक्रिया अर्थात् अधिगम से हम क्या परिणाम…
पूरा लेख पढ़ेंयज्ञ, दान और तप इन तीन कर्मों को भगवद्गीता में बड़ा महत्व दिया गया है। भगवद्गीता के अठारहवें अध्याय में जहाँ पर कर्मों का…
पूरा लेख पढ़ेंभारतीय संस्कृति शास्त्रीय है । हर परम्परा के पीछे का प्राकृतिक नियम सहज आचरण में लाने से ही समझ में आता है। हमारे सभी…
पूरा लेख पढ़ेंकिसी भी राष्ट्र में सामाजिक, राजनैतिक समस्याओके मूल में वैचारिक अस्पष्टता की बहुत बडी भूमिका रहती है। भारत में ब्रिटिष राज के अवषेष आज…
पूरा लेख पढ़ेंगढ़े जीवन अपना अपना -20 भागवत महापुराण के दशम स्कंध में एक कथा आती है पौण्ड्रक वासुदेव की। ये कुराह प्रदेश के राजा है। जरासंध…
पूरा लेख पढ़ेंगढ़े जीवन अपना अपना -19 राजा की सवारी निकली थी। आगे आगे सेना की एक टुकड़ी मार्ग में आनेवाले लोगों को रोककर मार्ग खाली…
पूरा लेख पढ़ेंगढ़े जीवन अपना अपना -18 एक माँ अपनी युवा बच्ची की शिकायत करती है कि मेरी बेटी मुझसे प्रेम नहीं करती। कारण उपर से…
पूरा लेख पढ़ेंगढ़े जीवन अपना अपना -18 किसी भी नोट पर उसका मूल्य लिखा होता है। किन्तु वह मूल्य रिजर्व बैंक के गवर्नर के आश्वासन का…
पूरा लेख पढ़ेंपिछले 17 लेखों में हम जीवन गठन की प्रक्रिया को देख रहे है। आगे बढ़ने से पहले एक बार अब तक की बातों की…
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