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Swami Vivekananda

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भावशुद्धि से ही ज्ञान का साक्षात्कार

जैसे बीज में पूरा विश्व छिपा होता है वैसे ही मनुष्य में पूर्णत्व संभावना के रूप में विद्यमान होता है। शिक्षा का लक्ष्य है…

29 September 2022 Mukul Kanitkar
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सामयिक टिप्पणी

दिग्विजय से पाएं विश्वविजय की प्रेरणा

जब समूचा राष्ट्र ही अपनी निहित शक्तियों के प्रति अनभिज्ञ होने के कारण आत्मग्लानि से ग्रस्त हो जाता है तब कोई अद्वितीय विजय ही…

11 September 2013 Mukul Kanitkar
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चरित्र

स्वामी विवेकानन्द की विज्ञान दृष्टि

आज विज्ञान भी किसी सम्प्रदाय से कम नहीं रहा है। वैज्ञानिक अपनी अधूरी मान्यताओं को भी किसी साम्प्रदायिक विश्वास के समान ही सब पर…

1 June 2013 Mukul Kanitkar
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सामयिक टिप्पणी

सूर्यनमस्कार का विज्ञान

जो सूर्यनमस्कार का प्रतिदिन अभ्यास करते हैं, उनको आयु, वीर्य, बल, प्रज्ञा तथा तेज की प्राप्ति होती है  और सामूहिक सूर्यनमस्कार के अभ्यास से…

9 February 2013 Mukul Kanitkar
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Marathi Lekh

जीवनाचे उद्दिष्ट काय?

१९८५ मध्ये भारत सरकारने विचार केला की, पूर्ण देशात एक दिवस तरूणांकरिता असावा. जसा महिला दिन, बाल दिवस तसाच युवा दिवस. शोधाशोध सुरू झाली…

31 January 2013 Mukul Kanitkar
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सामयिक टिप्पणी

राष्ट्रीय शिक्षा के प्रवर्तक विश्वात्मा विवेकानन्द

    स्वामी विवेकानन्द विश्वात्मा थे। उन्होंने सृष्टि की एकात्मता का अनुभव किया था। अमेरिका में सहस्त्रद्विपोद्यान (Thousand Island Park) में अपने अंतरंग शिष्यों कें…

12 January 2013 Mukul Kanitkar
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सामयिक टिप्पणी

अनास्था से केवल आक्रोश ! आस्था से परिवर्तन !!

स्वामी विवेकानंद के राष्ट्र चिंतन के प्रथम दिन : प्रश्न आस्था का है । मनुष्य आस्था के बल पर कुछ भी चमत्कार कर सकता…

26 December 2012 Mukul Kanitkar
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सामयिक टिप्पणी

स्वामी विवेकानन्द का व्यावहारिक ज्ञान

आज दिनांक 17 दिसम्बर 2012 को इकोनामिक टाइम्स नामक अंग्रेजी समाचार पत्र में वर्तमान समय के विद्वान अर्थशास्त्री श्री बिबेक देब्राय का स्वामी विवेकानन्द…

17 December 2012 Mukul Kanitkar
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