भावशुद्धि से ही ज्ञान का साक्षात्कार
जैसे बीज में पूरा विश्व छिपा होता है वैसे ही मनुष्य में पूर्णत्व संभावना के रूप में विद्यमान होता है। शिक्षा का लक्ष्य है…
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जैसे बीज में पूरा विश्व छिपा होता है वैसे ही मनुष्य में पूर्णत्व संभावना के रूप में विद्यमान होता है। शिक्षा का लक्ष्य है…
पूरा लेख पढ़ेंWhat was the purpose of Swami Vivekananda’s life? Though it may be deemed arrogant to ask such a question, for those who want to…
पूरा लेख पढ़ेंजब समूचा राष्ट्र ही अपनी निहित शक्तियों के प्रति अनभिज्ञ होने के कारण आत्मग्लानि से ग्रस्त हो जाता है तब कोई अद्वितीय विजय ही…
पूरा लेख पढ़ेंTo The Fourth Of July by Swami Vivekananda (From The Complete Works of Swami Vivekananda, Vol5 Page 440. It is well known that Swami…
पूरा लेख पढ़ेंआज विज्ञान भी किसी सम्प्रदाय से कम नहीं रहा है। वैज्ञानिक अपनी अधूरी मान्यताओं को भी किसी साम्प्रदायिक विश्वास के समान ही सब पर…
पूरा लेख पढ़ेंजो सूर्यनमस्कार का प्रतिदिन अभ्यास करते हैं, उनको आयु, वीर्य, बल, प्रज्ञा तथा तेज की प्राप्ति होती है और सामूहिक सूर्यनमस्कार के अभ्यास से…
पूरा लेख पढ़ें१९८५ मध्ये भारत सरकारने विचार केला की, पूर्ण देशात एक दिवस तरूणांकरिता असावा. जसा महिला दिन, बाल दिवस तसाच युवा दिवस. शोधाशोध सुरू झाली…
पूरा लेख पढ़ेंस्वामी विवेकानन्द विश्वात्मा थे। उन्होंने सृष्टि की एकात्मता का अनुभव किया था। अमेरिका में सहस्त्रद्विपोद्यान (Thousand Island Park) में अपने अंतरंग शिष्यों कें…
पूरा लेख पढ़ेंस्वामी विवेकानंद के राष्ट्र चिंतन के प्रथम दिन : प्रश्न आस्था का है । मनुष्य आस्था के बल पर कुछ भी चमत्कार कर सकता…
पूरा लेख पढ़ेंआज दिनांक 17 दिसम्बर 2012 को इकोनामिक टाइम्स नामक अंग्रेजी समाचार पत्र में वर्तमान समय के विद्वान अर्थशास्त्री श्री बिबेक देब्राय का स्वामी विवेकानन्द…
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