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Economics

20 लेख

सनातन विकास प्रतिमान

केंद्रीकरण और एकाधिकार से जन्मी भयावह आर्थिक विषमता

प्रतिस्पर्धा के कारण एकाधिकार (Monopoly) का प्रयास वर्तमान मुक्त बाज़ार आधारित विकास प्रतिमान का अनिवार्य परिणाम है। लाभ बढ़ाना ही विकास का परिमाण होने…

8 September 2023 Mukul Kanitkar
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नोबेल की राजनीति या अर्थशास्त्र का भ्रम

भारत में तो अर्थशास्त्र में ही राजशास्त्र भी सम्मिलित है। कौटिल्य का अर्थशास्त्र यह केवल आज अंग्रेजी में जिसे Economics कहते हैं, उसका ग्रंथ…

22 October 2019 Mukul Kanitkar
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स्वावलम्बी युवा! समर्थ भारत!!

स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर को किसी युवा ने पूछा कि आप युवा किस कहते है? भाषा शुद्धिकरण के आन्दोलन को चलाते हुए भारतीय भाषाओं…

22 December 2013 Mukul Kanitkar
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चुनावी रणभूमी मे राष्ट्रवाद का शंखनाद

चुनाव लोकतंत्र का महोत्सव है। वर्तमान में चुनाव आयोग द्वारा डाले गये कठोर निर्बंधों के कारण इस महोत्सव का उत्साह कुछ धीमा पड गया दिखता…

29 November 2013 Mukul Kanitkar
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स्वामी विवेकानन्द का व्यावहारिक ज्ञान

आज दिनांक 17 दिसम्बर 2012 को इकोनामिक टाइम्स नामक अंग्रेजी समाचार पत्र में वर्तमान समय के विद्वान अर्थशास्त्री श्री बिबेक देब्राय का स्वामी विवेकानन्द…

17 December 2012 Mukul Kanitkar
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गो आधारित जीवन ही समस्त समस्याओं का उपाय

गायों की प्रचूरता के कारण ही भारतभूमि यज्ञभूमि बनी है । पर आज हमने गायों को दुर्लक्षित कर दिया है इसी कारण देश के…

19 June 2012 Mukul Kanitkar
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