केंद्रीकरण और एकाधिकार से जन्मी भयावह आर्थिक विषमता
प्रतिस्पर्धा के कारण एकाधिकार (Monopoly) का प्रयास वर्तमान मुक्त बाज़ार आधारित विकास प्रतिमान का अनिवार्य परिणाम है। लाभ बढ़ाना ही विकास का परिमाण होने…
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प्रतिस्पर्धा के कारण एकाधिकार (Monopoly) का प्रयास वर्तमान मुक्त बाज़ार आधारित विकास प्रतिमान का अनिवार्य परिणाम है। लाभ बढ़ाना ही विकास का परिमाण होने…
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The careful study of accounts of travellers visiting this land from time ranging from 3 to 5 centuries before CE concludes that Bharat’s prosperity…
पूरा लेख पढ़ेंजब तक हम सनातन आर्थिक प्रतिमान पर व्यवहार करते रहे तब तक भारत सुसंस्कृत होने के साथ ही समृद्ध भी था। विदेशी शासकों द्वारा…
पूरा लेख पढ़ेंNavratri 1 Let’s cultivate Noble resolves The most difficult but important task in the field of learning is the quantitative determination of the learning…
पूरा लेख पढ़ेंभारत में तो अर्थशास्त्र में ही राजशास्त्र भी सम्मिलित है। कौटिल्य का अर्थशास्त्र यह केवल आज अंग्रेजी में जिसे Economics कहते हैं, उसका ग्रंथ…
पूरा लेख पढ़ेंस्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर को किसी युवा ने पूछा कि आप युवा किस कहते है? भाषा शुद्धिकरण के आन्दोलन को चलाते हुए भारतीय भाषाओं…
पूरा लेख पढ़ेंचुनाव लोकतंत्र का महोत्सव है। वर्तमान में चुनाव आयोग द्वारा डाले गये कठोर निर्बंधों के कारण इस महोत्सव का उत्साह कुछ धीमा पड गया दिखता…
पूरा लेख पढ़ेंअर्थशास्त्र के नोबल पुरस्कारों की घोषणा हुई और कुछ वर्ष पूर्व देखे हिन्दी सिनेमा ‘फुकरे’ की याद आ गई। वर्ष 2013 में अमेरिका के…
पूरा लेख पढ़ेंआज दिनांक 17 दिसम्बर 2012 को इकोनामिक टाइम्स नामक अंग्रेजी समाचार पत्र में वर्तमान समय के विद्वान अर्थशास्त्री श्री बिबेक देब्राय का स्वामी विवेकानन्द…
पूरा लेख पढ़ेंगायों की प्रचूरता के कारण ही भारतभूमि यज्ञभूमि बनी है । पर आज हमने गायों को दुर्लक्षित कर दिया है इसी कारण देश के…
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