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Culture

20 लेख

सामयिक टिप्पणी

भक्तों जागो अब देव शयन करेंगे

चातुर्मास के प्रारंभ पर देवता शयन करने जा रहे हैं तो हम अपने धर्म का स्वयं दायित्व संभालें और चातुर्मास के लिए संकल्पबद्ध हो…

25 July 2026 Mukul Kanitkar
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चरित्र

शरीर-मन-बुद्धि तीनों का वीरव्रत

वीरता मानसिक क्षमता है उसका सर्वोत्तम रूप महावीर है। विपरीत स्थिति में भी व्यवहारकुशलता से मार्ग निकालने की बौद्धिक योग्यता का नाम विक्रम और…

1 June 2026 Mukul Kanitkar
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चरित्र

दायित्व ही कार्यकर्ता का परिचय

हमारा प्रत्येक परिचय ही हमें दायित्व देता है। जैसे हम मनुष्य हैं तो अपेक्षा है कि मानवता का आचरण करें। भारतीय हैं तो हमारा…

29 May 2026 Mukul Kanitkar
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कविता

रंगोत्सव नहीं होली है धर्मोत्सव

होलिका है धर्म रक्षा का आत्मोत्सव वसंत के आह्लाद का आनंदोत्सव फाग के राग का संगीतमय स्वरोत्सव समरस समाज का एकात्म भावोत्सव ऋतुपरिवर्तन का…

4 March 2026 Mukul Kanitkar
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सामयिक टिप्पणी

अन्नदाता पर कृपा रहे धान्यलक्ष्मी की, ना बने अन्न विक्रेता

धान्यलक्ष्मी की कृपा भारत पर बनी रहे। वर्तमान व्यवस्था आदर्श अथवा धार्मिक तो नहीं है किंतु दिशा उचित है। इस नवरात्रि स्वाध्याय के माध्यम…

25 September 2025 Mukul Kanitkar
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सनातन विकास प्रतिमान

धान्यलक्ष्मी का आशिर्वाद भरे अन्न भांडार

अष्टलक्ष्मी में तीसरी है धान्यलक्ष्मी। यह अन्न की देवी है। इनका स्वरूप भी पोषणकर्ता है। वस्त्र हरित हैं। आठ भुजाओं में धान की बाली,…

24 September 2025 Mukul Kanitkar
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सामयिक टिप्पणी

धन अर्थात् जोड़ना

धनलक्ष्मी की उपासना मनुष्य को उत्पादक बनाती है। जो भी उसे प्राप्त होता है उसका मूल्यवर्द्धन करना ही धन का उपार्जन है। अपने ज्ञान,…

23 September 2025 Mukul Kanitkar
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