भावशुद्धि से ही ज्ञान का साक्षात्कार
जैसे बीज में पूरा विश्व छिपा होता है वैसे ही मनुष्य में पूर्णत्व संभावना के रूप में विद्यमान होता है। शिक्षा का लक्ष्य है…
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पूरा लेख पढ़ेंअधिजनन के द्वारा अच्छी प्रजा का निर्माण तथा अधि- अयन अर्थात् अध्ययन के द्वारा मनुष्य के जीवन-गठन का मार्ग प्रशस्त करने के साथ ही…
पूरा लेख पढ़ेंदायित्व: देवी भागवत में शुम्भ-निशुम्भ की कथा आती है। ये दोनों मधु-कैटभ के ही वंशज है। उनके वध का प्रतिशोध लेना चाहते है। अपना…
पूरा लेख पढ़ेंकार्यकर्ताः बड़ी प्रचलित कहावत है, ‘‘भगतसिंह पैदा तो हो पर पड़ौसी के घर में।’’ देशभक्तों की सब प्रशंसा तो करते है पर उनके बनने…
पूरा लेख पढ़ेंमानव की पहचान संबंधों से है | बिना संबंधों के मनुष्य का कोई परिचय ही नहीं है | समस्त सृष्टि के अन्तर्निहित एकत्व का…
पूरा लेख पढ़ेंThe New Indian Express deserves congratulations for publishing the series ‘Think Edu Conclave’. The articles by Amita Sharma in the 4th March issue [page…
पूरा लेख पढ़ेंस्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर को किसी युवा ने पूछा कि आप युवा किस कहते है? भाषा शुद्धिकरण के आन्दोलन को चलाते हुए भारतीय भाषाओं…
पूरा लेख पढ़ेंचुनाव लोकतंत्र का महोत्सव है। वर्तमान में चुनाव आयोग द्वारा डाले गये कठोर निर्बंधों के कारण इस महोत्सव का उत्साह कुछ धीमा पड गया दिखता…
पूरा लेख पढ़ेंकेवल ध्येय और विचार ही उदात्त होने से काम नहीं चलता, संगठन के सामने दृष्टि भी उदार होना आवश्यक है। बड़े लक्ष्य लेकर…
पूरा लेख पढ़ेंपहले रात्री की देवी है – शैलपुत्री। हिमालय की पुत्री होने के नाते माँ पार्वती का ही यह नाम है। हिमवान की पुत्री…
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