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योग

28 लेख

सामयिक टिप्पणी

भक्तों जागो अब देव शयन करेंगे

चातुर्मास के प्रारंभ पर देवता शयन करने जा रहे हैं तो हम अपने धर्म का स्वयं दायित्व संभालें और चातुर्मास के लिए संकल्पबद्ध हो…

25 July 2026 Mukul Kanitkar
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चरित्र

शरीर-मन-बुद्धि तीनों का वीरव्रत

वीरता मानसिक क्षमता है उसका सर्वोत्तम रूप महावीर है। विपरीत स्थिति में भी व्यवहारकुशलता से मार्ग निकालने की बौद्धिक योग्यता का नाम विक्रम और…

1 June 2026 Mukul Kanitkar
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चरित्र

दायित्व ही कार्यकर्ता का परिचय

हमारा प्रत्येक परिचय ही हमें दायित्व देता है। जैसे हम मनुष्य हैं तो अपेक्षा है कि मानवता का आचरण करें। भारतीय हैं तो हमारा…

29 May 2026 Mukul Kanitkar
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सामयिक टिप्पणी

ज्ञान-गुण से तीनों लोक उजागर

हनुमानजी के लिए सागर की उपमा अत्यन्त समीचीन है। सागर असीम होता है किंतु कभी अपनी सीमा को नहीं लांघता। ग्रहण करने में कोई…

8 April 2026 Mukul Kanitkar
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कविता

रंगोत्सव नहीं होली है धर्मोत्सव

होलिका है धर्म रक्षा का आत्मोत्सव वसंत के आह्लाद का आनंदोत्सव फाग के राग का संगीतमय स्वरोत्सव समरस समाज का एकात्म भावोत्सव ऋतुपरिवर्तन का…

4 March 2026 Mukul Kanitkar
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सामयिक टिप्पणी

श्राद्धों में दान का महत्व

श्राद्ध का सबसे बड़ा तत्त्व है पितरों के प्रति श्रद्धा। उस श्रद्धा का व्यवहार में प्रयोग त्याग द्वारा ही संभव है। जिनके प्रति सम्मान…

18 September 2025 Mukul Kanitkar
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सामयिक टिप्पणी

हिंदू नववर्ष ही साक्षात् नववर्ष

काल की वैज्ञानिक समझ से ही वर्षप्रतिपदा को सालभर के साढ़े तीन मुहुर्तों में से एक मानते हैं। यह पूर्ण मुहुर्त है। इस दिन शुभकार्य…

30 March 2025 Mukul Kanitkar
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सामयिक टिप्पणी

लोकमाता पुण्यश्लोक अहिल्याबाई

महिला नेतृत्व ही मानवता के समग्र कल्याण का मार्ग है। सर्वांगीण विकास भी प्रत्यक्ष महिलाओं अथवा नारीत्व के गुणों से परिपूर्ण नेतृत्व द्वारा ही…

8 March 2025 Mukul Kanitkar
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