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Mukul Kanitkar

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सरस्वती की वासंतिक पूजा और काम दहन

वसंत पंचमी के दो महात्म्य है | विद्या की देवी सरस्वती का यह जन्मदिन है | सरस्वती के जन्म के जो पौराणिक आख्यान है,…

26 January 2015 Mukul Kanitkar
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गीता सन्देश – मन की गांठे खोले

शिक्षा विधि के तीन मूलभूत सिद्धांत हैं | निकट से दूर की शिक्षा, सारे विश्व की शिक्षा देने से पूर्व व्यक्ति को उसके निकट…

9 December 2014 Mukul Kanitkar
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आइये अपने भीतर के अर्जुन को जगाएं !

धर्म अधर्म का युद्ध शाश्वत है| यह महाभारत हर काल में लड़ा जाता है | व्यक्तिकेंद्रित विचार करनेवाले स्वार्थी अपने निजी हितों, स्वार्थों के…

2 December 2014 Mukul Kanitkar
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प्रशासनिक सेवा की समाप्ति से ही सच्ची स्वत्तंत्रता संभव

भारतीय संस्कृति में सारे उत्सव परिवर्तन का समारोह मनाने के लिए होते हैं। होली दिवाली जैसे प्रमुख उत्सव तो ऋतुपरिवर्तन के अवसर पर ही…

14 October 2014 Mukul Kanitkar
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शासन-निरपेक्ष शिक्षा व्यवस्था ही समस्त समस्याओं का स्थायी उपाय!

भारतीय शिक्षा की परम्परा अतिप्राचीन व अत्यन्त गौरवपूर्ण है। अनादिकाल से ही भारत ने सारे विश्व को मानवता की शिक्षा दी है। केवल आध्यात्मिक…

8 September 2014 Mukul Kanitkar
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स्वावलम्बी युवा! समर्थ भारत!!

स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर को किसी युवा ने पूछा कि आप युवा किस कहते है? भाषा शुद्धिकरण के आन्दोलन को चलाते हुए भारतीय भाषाओं…

22 December 2013 Mukul Kanitkar
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