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चुनावी रणभूमी मे राष्ट्रवाद का शंखनाद

चुनाव लोकतंत्र का महोत्सव है। वर्तमान में चुनाव आयोग द्वारा डाले गये कठोर निर्बंधों के कारण इस महोत्सव का उत्साह कुछ धीमा पड गया दिखता…

29 November 2013 Mukul Kanitkar
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केवल पर्दा उठने की ही देरी है

गत सप्ताह भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने दो ऐतिहासिक निर्णय दिये। किसी भी लोकसेवक के विरूद्ध अभियोजन के लिये सरकार की अनुमति का प्रावधान…

8 February 2012 Mukul Kanitkar
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अण्णा आंदोलन का जमा-खर्च

29 अगस्त के न्यू इण्डियन एक्स्प्रेस में स्वदेशी चिंतक श्री एस् गुरुमूर्ति जी का लेख छपा है। हिन्दी पाठकों की सुविधा हेतु सारांश सहित…

31 August 2011 Mukul Kanitkar
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