संबंधित लेख

kanyakumari

3 लेख

सनातन विकास प्रतिमान

संतुलित विकास समुत्कर्ष की देवी आदिलक्ष्मी

आदिलक्ष्मी की उपासना अभ्युदय से अधिक निःश्रेयस अर्थात् आंतरिक उन्नति का प्रसाद भी प्रदान करती है। अतः अर्थतंत्र में भी उपभोग में संयम अथवा…

22 September 2025 Mukul Kanitkar
पूरा लेख पढ़ें
सामयिक टिप्पणी

अनास्था से केवल आक्रोश ! आस्था से परिवर्तन !!

स्वामी विवेकानंद के राष्ट्र चिंतन के प्रथम दिन : प्रश्न आस्था का है । मनुष्य आस्था के बल पर कुछ भी चमत्कार कर सकता…

26 December 2012 Mukul Kanitkar
पूरा लेख पढ़ें
सामयिक टिप्पणी

स्वामी विवेकानन्द का राष्ट्र-ध्यान – II

भारत का उत्थान-पतन : स्वामी विवेकानन्द ने सारे भारत को अत्यन्त निकट से देखा था। उन्होंने भारतीयता को अपने अन्दर जीया था। इस जीवन्त…

27 December 2011 Mukul Kanitkar
पूरा लेख पढ़ें