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स्वामी विवेकानंद

13 लेख

कविता

रंगोत्सव नहीं होली है धर्मोत्सव

होलिका है धर्म रक्षा का आत्मोत्सव वसंत के आह्लाद का आनंदोत्सव फाग के राग का संगीतमय स्वरोत्सव समरस समाज का एकात्म भावोत्सव ऋतुपरिवर्तन का…

4 March 2026 Mukul Kanitkar
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सामयिक टिप्पणी

राष्ट्ररक्षा का सनातन संकल्प स्कन्दमाता की उपासना

एक जन, एक मन से एक ध्येय की और भिन्न भिन्न मार्गों से अग्रसर होते हुए एक अंतःकरण से सामूहिक और व्यक्तिगत गौरव, वैभव…

19 October 2023 Mukul Kanitkar
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चरित्र

अनावृत्त करें स्वामी विवेकानंद के अनुपम उपहार

समृद्धि व संस्कृति की समान उपासना करनेवाले विश्वगुरु भारत का स्वप्न यदि हम साकार करना चाहते हैं तो स्वामीजी के आवृत्त उपहारों का अनुसंधान…

13 January 2023 Mukul Kanitkar
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सामयिक टिप्पणी

दिग्विजय से पाएं विश्वविजय की प्रेरणा

जब समूचा राष्ट्र ही अपनी निहित शक्तियों के प्रति अनभिज्ञ होने के कारण आत्मग्लानि से ग्रस्त हो जाता है तब कोई अद्वितीय विजय ही…

11 September 2013 Mukul Kanitkar
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चरित्र

स्वामी विवेकानन्द की विज्ञान दृष्टि

आज विज्ञान भी किसी सम्प्रदाय से कम नहीं रहा है। वैज्ञानिक अपनी अधूरी मान्यताओं को भी किसी साम्प्रदायिक विश्वास के समान ही सब पर…

1 June 2013 Mukul Kanitkar
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Marathi Lekh

जीवनाचे उद्दिष्ट काय?

१९८५ मध्ये भारत सरकारने विचार केला की, पूर्ण देशात एक दिवस तरूणांकरिता असावा. जसा महिला दिन, बाल दिवस तसाच युवा दिवस. शोधाशोध सुरू झाली…

31 January 2013 Mukul Kanitkar
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सामयिक टिप्पणी

अनास्था से केवल आक्रोश ! आस्था से परिवर्तन !!

स्वामी विवेकानंद के राष्ट्र चिंतन के प्रथम दिन : प्रश्न आस्था का है । मनुष्य आस्था के बल पर कुछ भी चमत्कार कर सकता…

26 December 2012 Mukul Kanitkar
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