चरित्र
दे दी तुने आज़ादी या पायी है हमने बलिदानों से?
जो राष्ट्र अपने वीरों का सम्मान नहीं करता वह अपनी अस्मिता को खो देता है। ऐसे पाप तो रक्त से ही धोये जाते हैं।…
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