भले कर्मकाण्डी बनो! पर मिथ्याचारी नहीं!!
माँ बेटी के साथ बैठकर टी वी देख रही है। भौंडे भौंडे संवाद और वेष सब दोनों एकसाथ देख रही हैं। दादी ने या…
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15 लेख
माँ बेटी के साथ बैठकर टी वी देख रही है। भौंडे भौंडे संवाद और वेष सब दोनों एकसाथ देख रही हैं। दादी ने या…
पूरा लेख पढ़ेंपिछले कुछ दिनों में दो प्रसंग सामने आये। तीन अच्छे रचनाकारों को नियमित लिखने के लिये कहा तो तीनों अपनी व्यस्तता का वास्ता दिया।…
पूरा लेख पढ़ेंमानव को कर्म की स्वतन्त्रता है। कहते है कि अन्य प्राणियों को यह स्वाधीनता नहीं है। उनके कर्म तय कार्यक्रम के अनुसार ही चल…
पूरा लेख पढ़ेंकिसी ने सटीक संदेश भेजा। जीवन में जितनी संपत्ति बढ़ती है उतना शून्य, खालीपन भी बढ़ता है। आज आधुनिक मानव की सुविधाओं का स्तर…
पूरा लेख पढ़ेंकिसी ने उत्साह से सूचना दी कि अब तो आधुनिक भौतिक वैज्ञानिकों ने भी खोज लिया है कि सृष्टि के आरम्भ में जो प्रचण्ड…
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