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Mukul Kanitkar

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आलेख

नियमित गुरुदक्षिणा से अपनी आय को शुद्ध करें

यज्ञ, दान और तप इन तीन कर्मों को भगवद्गीता में बड़ा महत्व दिया गया है। भगवद्गीता के अठारहवें अध्याय में जहाँ पर कर्मों का…

19 November 2019 Mukul Kanitkar
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नोबेल की राजनीति या अर्थशास्त्र का भ्रम

भारत में तो अर्थशास्त्र में ही राजशास्त्र भी सम्मिलित है। कौटिल्य का अर्थशास्त्र यह केवल आज अंग्रेजी में जिसे Economics कहते हैं, उसका ग्रंथ…

22 October 2019 Mukul Kanitkar
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति में परिवर्तन के बीज बिंदु

राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रारूप शिक्षा विभाग ने चर्चा के लिए प्रस्तुत किया है । इस प्रारूप में अनेक ऐसे बिंदु है जो आमूलचूल…

6 July 2019 Mukul Kanitkar
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आलेख

लाडले से करते हैं प्रेम तो भूल जाए जन्मदिन 

भारतीय संस्कृति शास्त्रीय है । हर परम्परा के पीछे का प्राकृतिक नियम सहज आचरण में लाने से ही समझ में आता है। हमारे सभी…

5 June 2019 Mukul Kanitkar
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शिक्षा का अर्थायाम

प्रतिवर्ष शासन द्वारा अपने वार्षिक व्यय का अनुमान (Budget) प्रस्तुत करने पर शिक्षा पर किए जानेवाले व्यय की चर्चा होती है। केंद्र सरकार द्वारा…

8 December 2018 Mukul Kanitkar
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दायित्वबोध की देवी हम करे आराधन

दायित्व: देवी भागवत में शुम्भ-निशुम्भ की कथा आती है। ये दोनों मधु-कैटभ के ही वंशज है। उनके वध का प्रतिशोध लेना चाहते है। अपना…

17 October 2018 Mukul Kanitkar
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कात्यायनी : कार्यकर्ता निर्माण की कथा

कार्यकर्ताः बड़ी प्रचलित कहावत है, ‘‘भगतसिंह पैदा तो हो पर पड़ौसी के घर में।’’ देशभक्तों की सब प्रशंसा तो करते है पर उनके बनने…

16 October 2018 Mukul Kanitkar
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