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Mukul Kanitkar

244 लेख

सामयिक टिप्पणी

महाप्रयाण . . . किन्तु कार्य निरन्तर

एक मनोचिकित्सकीय मासिक में छपे लेख के अनुसार अमेरिका में 9/11 के आतंकी हमले के बाद चर्च में जानेवाले लोगों की संख्या दुगनी हो…

3 July 2012 Mukul Kanitkar
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भारत का महान पर्व गुरु पूर्णिमा

आषाढ की पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। इसे वेदव्यास की जयन्ती के रूप में जाना जाता है। वैसे तो…

29 June 2012 Mukul Kanitkar
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गो आधारित जीवन ही समस्त समस्याओं का उपाय

गायों की प्रचूरता के कारण ही भारतभूमि यज्ञभूमि बनी है । पर आज हमने गायों को दुर्लक्षित कर दिया है इसी कारण देश के…

19 June 2012 Mukul Kanitkar
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युवा शक्ति ही राष्ट्रनिर्माण का प्रभावी साधन

भारत एक युवा देश है। जनसंख्या के अनुसार विश्व की सर्वाधिक युवा आबादी भारत में निवास करती है। भारत में जनगणना के नियमों में…

8 June 2012 Mukul Kanitkar
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कैसे दूर हो संसद के प्रति समाज की अनास्था ?

संसद के ६० वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विशेष सत्र का आयोजन कर उत्सव मनाया गया । पर क्या केवल उत्सव मनाना पर्याप्त…

16 May 2012 Mukul Kanitkar
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स्मृति स्वाधीनता संग्राम की . . .

10 मई 1857, अंग्रेजी सत्ता के विरूद्ध प्रथम स्वाधीनता संग्राम का शुभारम्भ। 1908 में स्वातन्त्र्यवीर सावरकर ने लंदन में 10 मई को क्रांति दिवस…

10 May 2012 Mukul Kanitkar
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समर्पण का सम्मान

अनेक वर्ष पहले विवेकानंद केंद्र की हिंदी मासिक पत्रिका “केंद्र भारती” में ये लेख लिखा था| पिछले दिनों नागपुर के साप्ताहिक “भारतवाणी” ने इसे…

5 May 2012 Mukul Kanitkar
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